Saturday, April 13, 2019

पुराने ज़माने के ऐसे जिव जिन का डर आज भी हमारे दिमाग में कैद है, आईये जानते है

जंगल और वहां रहने वाले जंगली जीव सुनकर ही बदन में सिहरन सी उठ जाती है क्या कभी आपने सोचा है ऐसा क्यों ? क्यों हम मानव सांपो से डरते है क्यों ये रेप्टायलस  ये सरीसर्प का डर हमारे दिमाग में हार्ड कोडेड बना हुआ है, क्यों हम में से कईयों को पानी में उतरने से डर लगता है और ये सारे फोबियाज़ और डर जन्म जात ही होते है | आपने कुछ लोगो को छिपकली चूहों और कोकरोच से डरते हुए देखा होगा दरअसल ये डर मानव मस्तिस्क की गहराईयों में दर्ज़ है, जो प्रागेतिहासिक काल के विकराल छिपकलियों, विकराल जोवों की वजह से पुराने ज़माने से मानव के दिमाग में आज भी कैद है |


ये भय हमें उसी तरह सचेत करता है जैसे आग में हाथ जाने पर शरीर टोमेटिक्ली हाथ हटाने का रिफ्लेक्स एक्शन करता है तो आईये जानते है वो कौनसे प्राचीन जिव थे जिनके भीमकाय शरीरों विकराल दांतों और आक्रामक शिकारी प्रवर्ती का खौफ आज भी मानव जाती के मस्तिष्को में कैद है |

मेगेन्यूरा द जायंट ड्रैगन फ्लाई


 मेगे न्यूरा एक विशालकाय उड़ने वाले कीटों का समूह हुआ करता था जो की लगभग 300 मिलियन साल पहले  हमारी इस पृथ्वी पर मौजूद था इन के मिले अवशेषों से पता चलता है की ये अपने पंख 2 से ढाई फीट तक फैला सकते थे और इन की लंबाई एक फीट से ज्यादा होती थी, जो की इस समय मिलने वाले ड्रैगन फ्लाई से काफी बड़ी है | जाहिर सी बात है अगर ये जीव आज जिंदा होते तो इनके झुण्ड पल भर में हमारी फसलो को नष्ट करने में सक्षम थे और जहाँ भी इन ड्रैगन फ्लाई का आक्रमण होता वहां का पूरा इलाका भुकमरी में आ सकता था |

 जेगुलप्तर्स एरेनयने द जायंट सी स्कार्फियन


स्कौर्फियांस यानि की बिच्छु जिन का आकर आम योर पर काफी छोटा होता है लेकिन आप को बता दे की लगभग 46 करोड़ साल पहले स्कौर्फियांस की ऐसी प्रजाति पाई जाती थी जो की बेहद विशालकाय और बेहद ही खतरनाक होती थी सी स्कौर्फियांस के नाम से जनि जाने वाली बिच्छुओं प्रजाति की प्रजाति समुद्रों , झीलों और महासागरों में रहती थी जिस की लम्बाई 8 से 9 फीट तक हो सकती थी जो इहने पृथ्वी पर पाई जाने वाली सबसे बड़ी बिच्छुओ की प्रजाति बनती है  2007 में अमेरिका के वैज्ञानिको को सी स्कौर्फियान यानि समुद्री बिच्छुओ के कुछ अवशेष मिले थे जिसे देखने मात्र से ही इन बिच्छुओ के आकर का अंदाजा लगाया जा सकता है | ये वास्तव में समुद्री बिच्छु कितने बड़े हुआ करते थे खैर शुक्र की बात तो ये है की बिच्छु की ये प्रजाति दुनिया से अब विलुप्त हो गयी है |

 अर्जेंटवैस मेगनीफिकियंस द जायंट बर्ड 


आपको बता दे की दुनिया में एक ऐसा भी समय था जब इंसानों के जितने वजनी पक्षी खुले आसमानों में उड़ते थे आज से लगभग 60 लाख साल पहले दुनिया में ऐसे विशालकाय पक्षी मौजूद थे |
 जो किसी इन्सान को आसानी से अपना शिकार बना लेते थे  ऐसे पक्षियों के जीवाश्म अमेरिका के लोस एंजलेस में मिले है जिन्हें देख कर शोधकर्ता इस निष्कर्स पे पहुंचे है की इन पक्षियों का वजन लगभग 80 किलो तक होता था  और ये पक्षी अपने पंख 20 फीट तक फैला सकते थे , ऐसा आप कह सकते है की इन पक्षियों का विलुप्त होना ही वो कारण बना जी से बाकि प्रजातियाँ अस्तित्व में आई आज की दुनियां में अगर ये पक्षी तो एयर ट्रांसपोर्ट और हवाई जहाज तो छोड़िये हमारा घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता |

 आर्कोरोटस सीमस द जायंट  बियर 


भालुओ के हमलो और इन की आक्रामकता के बारे में हम सब जानते ही है लेकिन किसी ज़माने में भालुओ की एक और ऐसी प्रजाति पाई जाती थी जो आज के भालुओ से 2 गुना बड़े आकर के थे बेहद ही विशालकाय
 अगर इन भालुओ को इन की दोनों टांगो पर खड़ा कर दिया जाए तो इनकी लम्बाई 12 फीट तक हो सकती थी जिन का वजन 900 से 1300 टन के लगभग होता था |
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